Monday, 24 February 2025

नीता बिष्ट जौनपुरी

माँ 
माँ ही है वो महान,
बच्चों की होती जो जान।।

माँ है एक फरिश्ता,
दुनिया का सबसे अनमोल रिश्ता ।।

माँ है जन्मदाता,
ईश्वर का बनाया प्यारा नाता।।

माँ के बिन घर है सुना -सुना ,
कभी ना करना मां की बातों को अनसुना।।

माँ ही है वो अवतार,
सबसे ज्यादा करती जो प्यार।।

माँ है संसार,
बच्चो में भरती जो संस्कार।।

गुण है उसमे अनगिनत,
उसके प्यार की नही कोई कीमत।।

माँ के प्यार का नही कोई मूल्य,
सभी समस्याओं को कर देती शून्य।।

 माँ की सेवा प्रथम धर्म,
धरती पर मिल जाए स्वर्ग।।

माँ सिखाती ज्ञान की बाते,
फिर कैसे बच्चे मां को भूल जाते।।

बहन, बहु, बेटी सभी रूप है उसमे युक्त 
माँ का प्यार ही मिल पाता मुफ्त।।

चुका ना सकोगे माँ का कर्ज,
कब समझोगे अपना फर्ज।।

मेरी माँ है मेरा गहना,
माँ के बारे में ज्यादा क्या कहना।।

© लेखिका नीता बिष्ट जौनपुरी 
जनपद टिहरी गढ़वाल उत्तराखण्ड




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