कविता : प्यारा हिंदुस्तान बनाएं
------------------------
इस धरती पर मानवता का, न्यारा एक जहान बनाएं
आओ हम भारत को फिरसे, प्यारा हिंदुस्तान बनाएं
सेवा के रंग में, मन रंग लें
जनसेवक सच्चे सब बन लें
द्वार-द्वार पे नवसृजन का, हरदिल में अरमान जगाएं
आओ हम भारत को फिरसे, प्यारा हिंदुस्तान बनाएं
खड़े रहें हम अपने पथ पर
लाख मुसीबत भी आने पर
साहस का लेकर सहारा, हर मुश्किल आसान बनाएं
आओ हम भारत को फिरसे, प्यारा हिंदुस्तान बनाएं
क्या हिन्दू क्या मुसलमान
सबका खून है एक-समान
एकता के सूत्र में बंध, अलग अपनी पहचान बनाएं
आओ हम भारत को फिरसे, प्यारा हिंदुस्तान बनाएं
सत्यता के दीप जलाएं
अहिंसा को सब अपनाएं
जात-पांत का भेद मिटाकर, बापू का सम्मान बढाएं
आओ हम भारत को फिरसे, प्यारा हिंदुस्तान बनाएं
कवि- तुलसीराम "राजस्थानी"
(स्वरचित, स्वप्रमाणित)
---------------------------------
पता- तुलसीराम "राजस्थानी"
गणगौर स्टूडियो, PNB बैंक के पास,
नावां सिटी- 341509 (राजस्थान)
मोबाइल- 9928249021
No comments:
Post a Comment