'श्रद्धांजलि'
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लगे रहो मुन्ना भाई'
मैंने फिल्म कल देखी
सबकी हो गई छुट्टी...! जब...,
गांधीजी ने डायलॉग अपनी फेंकी...
उसी रात सपने में...
मैंने गांधीजी को देखा..
पूछा उनसे कारण मैंने...
सपने में आने का...
सचमुच खड़े थे सामने वह...!
जब मैंने नेत्र अपने खोलें...
'सपना नहीं..., हकीकत हूं मैं!'
थोड़ा हंसकर वे बोले...
'लगे रहो मुन्ना भाई'
फिल्म मैंने भी है देखी...!
खयाल आया देखकर जो मन में...
वह बात अब तुमसे है केहने की...
जानपर खेलकर हमने...
आजादी थी तुम्हें दिलवाई...
'त्याग और बलिदान' की बोलो...!
क्या कीमत हमने पाई?...
'अहिंसा परमो धर्म '
मंत्र था तुम्हें सिखाया...
खून की नदिया बहाकर तुमने...
'दहशतवाद' को क्यों अपनाया...?
'स्वराज्य ' को 'सूराज्य' बनाने का...
मेरा सपना अधूरा रह गया....
स्वतंत्रता का उजाला
वैरभाव के अंधेरे में बदल गया...
मरने से पहले मन में
एक आस थी लगाई...
स्वतंत्र भारत में हर कोई....
सदा बना रहे भाई-भाई...!
थोड़ा आगे बढ़कर...
वह बोले...'बात जो तुमसे,
मैं... अब कहूं ...!
चाहता हूं...हर कोई समझ ले...!
'सृष्टि का अंतिम स्वरूप है प्रेम'!
इस बात को तुम सब मानो...
'शास्त्र से बढ़कर नहीं कोई शस्त्र'...
इस बात को तुम सब जानों...
हिंदू-मुस्लिम-सिख-इसाई...
रहे इनमें भाईचारा...
भारत है हम सब की माता...!
माता का कैसा बटवारा...?
मन से निकाल द्वेष को...
राह पकड़ो इंसानियत की...
अपनाकर जिसे मिले शांति सबको...
अपनाओ धरोहर मेरी विचारधारा की...
मेरी यह प्रार्थना
तुम घर-घर तक पहुंचाना!
महक उठे जिसकी खुशबू से...
यह धरा - गगन - आशियाना....
अंतरमन में करके उजाला...
दो प्यार एक दूजे को...
राह पकड़कर सदाचार की...
बढ़ाओ आपसी भाई- चारे को...
जब विचार फैले मानवता के...
एक से हजारों में..
यही होगी सच्ची 'श्रद्धांजलि' मुझे...
मेरे पुण्यतिथि समारोह में...
मेरे पुण्यतिथि समारोह में...
मेरे पुण्यतिथि समारोह में...'
© नम्रता प्रितेशजी भंडारी.
संपर्क सूत्र (दूरभाष्य सहित) :
सौ.नम्रता प्रितेशजी भंडारी.
'मंगलमूर्ति' निवास ,
वकील कॉलनी,
गंगाखेड-431514.
जिला.परभणी (महाराष्ट्र)
फोन नंबर. 737878007