छन्द -1
देती है कुरान देखो ज्ञान सदभावना का चारों ओर शांति का परिवेश रहना चाहिए |
असहाय गरीबों के प्रति सेवा भाव रहे, बाइबिल का ये सन्देश रहना चाहिए ||
मरने से डरना क्या आत्मा न मरती है दिलों में ये गीता का उपदेश रहना चाहिए |
बुरी द्रष्टि अड़ी है जो देश पैर फोडनी है, हम रहे या ना रहे ये देश रहना चाहिए ||
छन्द -2
निंद्रा को दूर कर जाग्रत में आओ तुम, सोने में यह वक्त अब यूं ही ना गुजारिये।
घर है हमारा आंख हमीं को दिखाते आए, ऐसे देश द्रोहियों का नशा अब उतारिए।।
देश देवता से बढ़कर कौन देवता है, देश देवता को मन अंतर में धारिए।
अन्य देवताओं की तो बाद में उतार लेना, पहले राष्ट्र देवता की आरती उतारिए।।
निंद्रा को दूर कर जाग्रत में आओ तुम, सोने में यह वक्त अब यूं ही ना गुजारिये।
घर है हमारा आंख हमीं को दिखाते आए, ऐसे देश द्रोहियों का नशा अब उतारिए।।
देश देवता से बढ़कर कौन देवता है, देश देवता को मन अंतर में धारिए।
अन्य देवताओं की तो बाद में उतार लेना, पहले राष्ट्र देवता की आरती उतारिए।।
छन्द - 3
दुश्मनों की छाती में तलवार गाड़ सके जो, रानी लक्ष्मी बाई वाली हुंकार मांगता हूं मैं।।
भारत को एकता की डोर में जो बांध सके, लौह पुरुष वाला वह सरदार मांगता हूं मैं।
आजादी की रश्मियों को कायम रख सके जो, ऐसे लाल बहादुर की ललकार मांगता हूं मैं।
दुश्मनों का सफाया भी करने को भारत से, गांडीव धनुष वाली वह टंकार मांगता हूं मैं।।
छन्द -4
मेरे प्यारे भैया आज देश पे परी है भीर, लेके हथियार चोटी चढ़ते ही जाना रे |
चाहे तोप गोली हो चाहे गन गोली हो, पीठ न दिखाना भैया चढ़ते ही जाना रे ||
मार मार बैरियों के ढेर तू लगाय देना मैया मेरी कों तू भैया दूध न लजाना रे |
जाते ही जमाना धाक शत्रु को बनाना खाक, आरती करुँगी जंग जीत घर आना रे ||
छन्द -5
भारत की साख मुझको मुबारक हो, मुझे रहने को कोई जन्नत नहीं चाहिए।
गंगा-जमुना के जल से मिले जिंदगी, मुझे पीने को कोई अमृत नहीं चाहिए।।
भारत देश के काम आए यह जवानी मेरी, मुझे नाम की कोई शौहरत नही चाहिए।
सूखी रोटियां जो पेट भरने को मिलती रहे, मुझे दुनिया की कोई दौलत नहीं चाहिए।।
गंगा-जमुना के जल से मिले जिंदगी, मुझे पीने को कोई अमृत नहीं चाहिए।।
भारत देश के काम आए यह जवानी मेरी, मुझे नाम की कोई शौहरत नही चाहिए।
सूखी रोटियां जो पेट भरने को मिलती रहे, मुझे दुनिया की कोई दौलत नहीं चाहिए।।
आवासीय विवरण
मनोज मंजुल (ओज कवि)
हिटलर टिम्बर मर्चेंट
बांस बल्ली वाले
प्रभु पार्क के सामने मोहल्ला नाथूराम
नदरई गेट कासगंज 207123
जनपद कासगंज उत्तर प्रदेश
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